नई दिल्ली/ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनावों के नतीजे आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 सीटों में से 213 पर शानदार जीत दर्ज की है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन 70 सीटों पर सिमट गया। BNP चीफ तारिक रहमान 14 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इसी बीच, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने CNN-News18 को दिए इंटरव्यू में BNP से संपर्क और अवामी लीग की वापसी का संकेत दिया है।
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर चुनावी बैन लगाया था, जिससे पार्टी चुनाव से बाहर रही। शेख हसीना भारत में रह रही हैं। सजीब वाजेद ने कहा, “BNP देश का प्रमुख राजनीतिक दल है। हम जल्द उनसे संपर्क करेंगे। अवामी लीग कहीं नहीं जा रही, बांग्लादेश की जनता हमसे प्यार करती है। हम वापसी करेंगे।” उन्होंने बैन के बावजूद पार्टी की मजबूती पर जोर दिया और बातचीत के रास्ते खोले।
चुनाव परिणामों का नया दौर: GenZ प्रोटेस्ट्स के बाद हुए ये चुनाव बांग्लादेश के इतिहास के सबसे प्रतिस्पर्धी माने जा रहे हैं। BNP को पूर्ण बहुमत मिला, जो 2008 के बाद उनकी पहली बड़ी जीत है। तारिक रहमान का लौटना और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का वादा भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BNP की जीत पर बधाई दी और सहयोग बढ़ाने की बात कही।
राजनीतिक प्रभाव और चुनौतियां: अवामी लीग का बैन और BNP की जीत ने बांग्लादेश को दोधारी तलवार पर ला खड़ा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सजीब का बयान गठबंधन या विपक्षी एकता का संकेत हो सकता है, जो जमात के प्रभाव को रोकेगा। लेकिन BNP नेता इसे खारिज कर सकते हैं, क्योंकि ऐतिहासिक दुश्मनी गहरी है। भारत हसीना के समर्थक होने के बावजूद BNP से संबंध सुधारना चाहता है। यदि BNP-अवामी गठजोड़ हुआ तो दक्षिण एशिया की राजनीति बदल सकती है।
भविष्य की दिशा: तारिक सरकार की पहली परीक्षा अल्पसंख्यक सुरक्षा और आर्थिक सुधार होगी। सजीब का ऐलान अवामी लीग को जीवित रखने की रणनीति लगता है। बांग्लादेश अब स्थिरता की ओर बढ़ेगा या नई अस्थिरता? 14 फरवरी की शपथ के बाद साफ होगा।
Correspondent Shanwaz Khan



