महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड की कक्षा 12वीं की केमिस्ट्री परीक्षा से पहले नागपुर में प्रश्न पत्र लीक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा के संदिग्ध व्यवहार से खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। यह घटना बुधवार को घटी, जब परीक्षा चल रही थी और प्रशासन हड़कंप मच गया।
घटना का पूरा विवरण
नागपुर के एक प्रमुख परीक्षा केंद्र पर महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (MSBSHSE) की 12वीं केमिस्ट्री परीक्षा आयोजित हो रही थी। परीक्षा के दौरान एक छात्रा बार-बार वॉशरूम जाने की कोशिश करने लगी। पर्यवेक्षकों को इस पर शक हुआ, क्योंकि परीक्षा समय में ऐसा व्यवहार असामान्य था। उन्होंने छात्रा पर नजर रखी और तुरंत तलाशी ली। छात्रा के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जो परीक्षा नियमों के खिलाफ था। फोन की जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई—एक व्हाट्सऐप ग्रुप में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले केमिस्ट्री का पूरा प्रश्न पत्र और उसके संभावित उत्तर सर्कुलेट हो चुके थे।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर
प्रारंभिक जांच से पता चला कि प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया था। ग्रुप में 50 से अधिक सदस्य थे, जिनमें स्थानीय छात्र शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि यह लीक परीक्षा से 30-45 मिनट पहले हुआ, जिससे कई छात्रों को फायदा मिल सकता था। यह महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षाओं में अब तक का सबसे बड़ा लीक कांड हो सकता है, जो छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े करता है।
दूसरे छात्र और कोचिंग का कनेक्शन
छात्रा के बयान से एक अन्य छात्र के नाम का खुलासा हुआ, जिससे पूछताछ शुरू हो गई है। पुलिस को शक है कि इसके पीछे एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा था। शुरुआती सुरागों से एक निजी कोचिंग संस्थान का नाम जुड़ रहा है, जहां हाई प्रोफाइल कोर्स चल रहे थे। आशंका है कि कोचिंग संचालक या कर्मचारी ने पैसे लेकर पेपर लीक किया। नागपुर सदर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है, और साइबर सेल को भी शामिल किया गया। पुलिस ने छात्रा को हिरासत में ले लिया है, जबकि कोचिंग संस्थान पर छापेमारी की तैयारी है।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए MSBSHSE ने सभी परीक्षा केंद्रों को हाई अलर्ट जारी किया। विभाग ने सख्त निर्देश दिए कि फ्रिस्किंग, जेब चेकिंग और CCTV मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए। परीक्षा दोबारा लेने या प्रभावित केंद्रों की स्क्रूटनी की संभावना है। राज्य शिक्षा मंत्री ने कहा, “ऐसी धांधली बर्दाश्त नहीं। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।” अभिभावक संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
परीक्षा प्रणाली पर सवाल
यह घटना महाराष्ट्र बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। पिछले साल भी कुछ लीक मामले सामने आए थे, लेकिन इस बार स्केल बड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में पेपर सेटिंग से स्टोरेज तक सिक्योरिटी बढ़ानी होगी। छात्रों में डर का माहौल है, क्योंकि नतीजों पर असर पड़ सकता है। पुलिस ने 48 घंटे में नेटवर्क का पर्दाफाश करने का वादा किया है। यह कांड अन्य राज्यों के लिए भी चेतावनी है।
Correspondent – Shanwaz Khan



