प्रयागराज, 22 फरवरी 2026: ज्योतिर्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ झूंसी थाने में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के बाद उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। एबीपी न्यूज को दिए विशेष बयान में शंकराचार्य ने इस ‘नीच प्रहार’ पर गहरा आक्रोश जताया और इसे सनातन धर्म के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा, “अनुमान था कि प्रहार होगा, लेकिन इतना नीच प्रहार होगा, इसकी कल्पना भी नहीं की थी। गौ हत्यारों की नीचता और योगी आदित्यनाथ जैसे लोगों की चालें सबके सामने आ रही हैं। धर्म युद्ध शुरू हो चुका है, बम-गोले सामने से आ रहे हैं।”
शंकराचार्य ने जांच एजेंसियों को खुला सहयोग देने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “किसी पर आरोप लगे तो उसे गलत साबित करने के लिए सब तैयार रहते हैं, हम भी पूरी तरह तैयार हैं।” गिरफ्तारी की आशंका पर पूछे सवाल पर उन्होंने मुख्यमंत्री की पुलिस की आलोचना की। “बटुकों का अपमान हुआ है। ये लोग गिरफ्तारी का लाभ उठा सकते हैं। सब जानते हैं वे क्या करेंगे, लेकिन हम भागने वाले नहीं। जो गिरफ्तार करना चाहें, करें। हम उनके हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं—चाहे यहां पूछें या कहीं ले जाकर।”
आरोप लगाने वाले व्यक्ति को शंकराचार्य ने ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताया, जिसकी लंबी आपराधिक फेहरिस्त है। “वह खुला घूम रहा है, जगद्गुरु का शिष्य बनकर घूमता है। पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती? अपराधियों को छूट और सज्जनों पर बंधन—यह कैसा न्याय?” उन्होंने प्राचीन काल का उदाहरण देते हुए कहा, “मारीच-ताड़का जैसे राक्षसों ने विश्वामित्र के यज्ञ में बाधा डाली थी। तब दशरथ से राम-लक्ष्मण मांगे गए थे। आज भी सैकड़ों अधिवक्ता और लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि उनके मन में पीड़ा है।”
शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म के नाम पर कुछ लोग कितनी नीचता पर उतर आए हैं। “यही कारण है कि हमने यह धर्म युद्ध शुरू किया, जो अब रुकेगा नहीं।” खुद को सत्य का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा, “हम सूर्य हैं, न कि अभिमान से, बल्कि सत्य को पकड़ने से। सूरज की आभा को कोई ढक नहीं सकता।” प्रयागराज में बढ़ते तनाव के बीच शंकराचार्य का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक उनका साथ दे रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे सनसनीखेज बता रहा है। आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan



