मणिपुर विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है। राज्यपाल की अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह सरकार 2026-27 का बजट पेश करेगी। पिछले सालों के हिंसा प्रभावित बजट के बाद इस बार शांति बहाली, आर्थिक पुनरुद्धार और विकास योजनाओं पर फोकस रहेगा। सत्र 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।
राज्यपाल का अभिभाषण महत्वपूर्ण
सत्र की शुरुआत राज्यपाल अंजू देवी के संबोधन से होगी। वे सरकार की नीतियों, हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति प्रयासों और केंद्र की सहायता पर प्रकाश डालेंगी। बजट में 35,000 करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव हो सकता है, जिसमें 17,000 करोड़ सामान्य स्थिति बहाली के लिए। आकस्मिक निधि में 500 करोड़ का प्रावधान। लोकसभा ने पिछले साल मणिपुर के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी थी।
विपक्ष की निगाहें सत्र पर
विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य पार्टियां शांति प्रक्रिया पर सवाल उठाएंगी। कांगpokpi और जिरिबाम जैसे हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की स्थिति, पुनर्वास और सुरक्षा पर बहस होगी। गृह मंत्री अमित शाह के हालिया दौरे के बाद केंद्र-राज्य समन्वय मजबूत हुआ। विपक्ष जीएसटी, रक्षा बजट और विकास कार्यों में देरी पर तीखे सवाल करेगा। भाजपा सरकार को चुनौती देने को तैयार।
विकास योजनाओं पर जोर
बजट में कृषि, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्राथमिकता। पूर्वोत्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज के तहत सड़क, रेल और बिजली परियोजनाएं तेज। मणिपुर में कानून-व्यवस्था सुधार का दावा। हजारों लोग राहत शिविरों से घर लौटे। सत्र में विनियोग विधेयक पर चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित होगा। सत्र के अंत में राज्यपाल विदाई भाषण देंगे।
राजनीतिक माहौल गरम
सत्र हिंसा के बाद पहला बड़ा बजट सत्र। स्थिरता बहाली का टेस्ट। सरकार का लक्ष्य अर्थव्यवस्था मजबूत करना। विपक्ष सदन में हंगामा कर सकता। मणिपुर की जनता उम्मीदों भरी नजरों से देख रही।
Correspondent – Shanwaz Khan



