Homeटेक्नोलॉजीएआई इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी का MANAV विजन, एआई को मानव-केंद्रित...

एआई इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी का MANAV विजन, एआई को मानव-केंद्रित बनाने का आह्वान

14 / 100 SEO Score

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘MANAV विजन’ पेश किया। उन्होंने एआई को मानव केंद्रित, नैतिक और समावेशी बनाने पर जोर दिया, जो दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिट के रूप में इतिहास रचेगी।​

समिट का वैश्विक महत्व

यह पांच दिवसीय समिट (16-20 फरवरी 2026) में 100 से अधिक देशों के विशेषज्ञ, नीति निर्माता और युवा प्रतिभागी शामिल हुए। पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से सभी का स्वागत किया, भारत को सबसे बड़ी युवा आबादी और टेक टैलेंट पूल वाला देश बताते हुए। उन्होंने कहा कि भारत मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और टेक-इनेबल्ड इकोसिस्टम का प्रमुख उदाहरण है। यह आयोजन एआई के नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी और ग्लोबल साउथ के सशक्तिकरण पर केंद्रित है।

एआई: भविष्य का निर्धारक

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आज एआई को जिस दिशा में ले जाया जाएगा, वही भविष्य तय करेगा। मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज गति से चल रहा है, इसलिए विजन बड़ा और जिम्मेदारी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रश्न यह नहीं कि एआई भविष्य में क्या कर सकती है, बल्कि वर्तमान में हम इसका उपयोग किस उद्देश्य से कर रहे हैं। एआई मानव इतिहास का परिवर्तनकारी अध्याय है, जो मशीनों को समझदार बनाती है और इंसानी क्षमताओं को बढ़ाती है। पीएम ने इसे वायरलेस संचार क्रांति से तुलना की, लेकिन इसकी गति और पैमाने को अभूतपूर्व बताया।

MANAV विजन की पांच कड़ियां

पीएम मोदी ने MANAV (मानव) विजन प्रस्तुत किया, जो एआई के लिए मानव-केंद्रित ढांचा है:

  • M: नैतिक और एथिकल सिस्टम (Moral and Ethical Systems) – एआई को मजबूत मूल्यों से निर्देशित करना।
  • A: जवाबदेह शासन (Accountable Governance) – पारदर्शी नियम और मजबूत निगरानी।
  • N: राष्ट्रीय संप्रभुता (National Sovereignty) – डेटा का अधिकार डेटा के मालिक के पास रहे, ‘जिसका डेटा, उसका अधिकार’।
  • A: सुलभ और समावेशी व्यवस्था (Accessible and Inclusive) – सबके लिए उपलब्ध, विशेषकर ग्लोबल साउथ के लिए सशक्तिकरण का माध्यम।
  • V: वैध और विश्वसनीय ढांचा (Valid and Legitimate) – कानूनी रूप से मजबूत सिस्टम।

यह विजन एआई को सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना से आगे बढ़ाने का संकल्प है।

मानव केंद्रित एआई का जोर

पीएम ने कहा कि एआई को मशीन-सेंट्रिक से ह्यूमन-सेंट्रिक बनाना जरूरी है – संवेदनशील, उत्तरदायी और नैतिक। इंसान को डेटा पॉइंट या कच्चा माल न बनने दें, बल्कि इसे लोकतांत्रिक बनाएं। एआई खुले आसमान जैसी हो, लेकिन कमान इंसानी हाथों में रहे, जैसे जीपीएस रास्ता सुझाता है लेकिन फैसला ड्राइवर का। भारत कृषि, सुरक्षा, दिव्यांग सहायता और बहुभाषी समाज की जरूरतों में एआई का उपयोग तेजी से कर रहा है। युवाओं का जोश देखकर भरोसा जगता है, जो नौकरियों को नया स्वरूप देगा।​

दो ध्रुवों वाली दुनिया

दुनिया में दो प्रकार के लोग हैं: एक को एआई में भय दिखता है, दूसरे को अवसर। भारत को भय नहीं, बल्कि भविष्य और भाग्य दिखता है। हम एआई को मानव कल्याण के साधन के रूप में देखते हैं। भारत मजबूत इकोसिस्टम, टैलेंट, ऊर्जा और नीतियों के साथ वैश्विक नेतृत्व लेगा। यह समिट एआई को समावेशी बनाने का मंच बनेगी, जहां प्रोसेसिंग पावर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नेतृत्व तय करेंगे।​

पीएम मोदी का यह विजन 21वीं सदी के एआई-प्रधान विश्व में मानवता के कल्याण का महत्वपूर्ण सेतु बनेगा। समिट एआई गवर्नेंस, सुरक्षा और नैतिक उपयोग पर वैश्विक संवाद को मजबूत करेगी।

Correspondent – Shanwaz Khan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments