मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से टेलीफोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। पीएम ने क्षेत्रीय अस्थिरता पर गहरी चिंता जताई और जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजा का धन्यवाद दिया।
बातचीत का मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के राजा के साथ मिडिल ईस्ट के बदलते हालात पर चर्चा की। उन्होंने जॉर्डन की शांति, सुरक्षा और वहां के लोगों के कल्याण के लिए भारत का पूर्ण समर्थन दोहराया। इस कठिन समय में जॉर्डन सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों की देखभाल पर विशेष रूप से पीएम ने आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम ने पोस्ट साझा कर लिखा, “जॉर्डन के राजा से बात की। क्षेत्र में बदलते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की। जॉर्डन के लोगों की शांति-सुरक्षा के लिए हमारा समर्थन बना रहेगा। भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए उनका आभार।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह बातचीत ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद आई, जब मृतकों की संख्या 1000 पार कर चुकी है। जॉर्डन मध्य पूर्व का महत्वपूर्ण देश है, जहां हजारों भारतीय कामगार और पेशेवर रहते हैं। भारत ने पहले ही विदेश मंत्रालय के जरिए सभी भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जॉर्डन ने संघर्ष में तटस्थ रुख अपनाया है और शरणार्थियों की मदद कर रहा है। पीएम मोदी की कूटनीतिक सक्रियता से भारत की चिंता स्पष्ट हुई।
भारत-जॉर्डन संबंध
भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत ऐतिहासिक रिश्ते हैं। दोनों देश आतंकवाद विरोधी और शांति प्रयासों में एकजुट हैं। पहले पीएम मोदी के जॉर्डन दौरे पर राजा ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख की सराहना की थी। वर्तमान संकट में यह बातचीत द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगी। जॉर्डन भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है, खासकर फॉस्फेट और उर्वरक आयात में।
वैश्विक संदर्भ
ईरान युद्ध से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। पीएम की यह पहल कूटनीति की मिसाल है। जॉर्डन जैसे सहयोगी देशों के साथ समन्वय से भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित होगी।
पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति से भारत की वैश्विक छवि मजबूत हो रही है।
Correspondent – Shanwaz Khan



