मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने इजरायल के किरयात ओनो शहर पर बड़ा मिसाइल हमला किया। रिहायशी इलाकों में कई इमारतें ध्वस्त हो गईं, चारों ओर मलबा बिखरा पड़ा है। हमले से इजरायल में दहशत फैल गई, जबकि ईरान ने इसे ‘बदला’ बताया।
हमले का विवरण
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बैलिस्टिक मिसाइलों से तेल अविव के पास स्थित किरयात ओनो को निशाना बनाया। आयरन डोम ने कुछ मिसाइलें रोकीं, लेकिन कई भवनों पर सीधी चोट की। 5 मंजिला अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स ढह गया, जिसमें दर्जनों लोग दबे बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 20 से अधिक लोग घायल हुए, कई लापता हैं। IDF ने कहा कि हमला कोनार्क नेवल बेस पर अमेरिकी हमले का जवाब था।
तबाही का मंजर
वीडियो फुटेज में धुंधला धुआं, ढहे भवन और भागते लोग दिख रहे हैं। सड़कों पर मलबा, टूटे शीशे और जली गाड़ियां बिखरी पड़ी हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे हटाने में जुटी हैं। मेयर ने कहा, “हमारा शहर युद्ध का शिकार बन गया। नागरिकों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता।” इजरायल ने पूरे देश में सायरन बजाए और शेल्टर में रहने को कहा।
युद्ध का पृष्ठभूमि
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में 1045 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। तेहरान, मिनाब और नेवल बेस तबाह हो चुके। ईरान ने जवाब में इजरायल के शहरों को निशाना बनाया। अमेरिकी पनडुब्बी ने IRIS Dena डुबोया, जिसमें 80 क्रू मारे गए। ट्रंप ने कहा, “हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा जब तक खतरा खत्म न हो।”
भारत का रुख
पीएम मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से बात कर क्षेत्रीय चिंता जताई। जॉर्डन ने भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की, जिस पर पीएम ने आभार जताया। भारत ने सभी पक्षों से संयम की अपील की। मिडिल ईस्ट संकट से तेल आयात प्रभावित, कीमतें आसमान छू रही हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को सतर्क रहने को कहा।
यह हमला युद्ध को और भयावह बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने शांति वार्ता की मांग की। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया।
Correspondent – Shanwaz Khan



