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छठ महापर्व: पीएम मोदी और अमित शाह ने दी खरना की शुभकामनाएं, बताया पर्व का महत्व

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लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शनिवार को नहाय-खाय के साथ इसकी शुरुआत हुई, जबकि रविवार (26 अक्टूबर) को दूसरा दिन खरना का है। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को पूजा-अर्चना करती हैं और गुड़-चावल की खीर, रोटी और फल का सात्विक प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसी के साथ वे अगले 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सभी देशवासियों को खरना पूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि “श्रद्धा और संयम के प्रतीक इस पावन पर्व पर छठी मइया सभी को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि खरना पूजा में गुड़ से बनी खीर और सात्विक प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा लोक जीवन में पवित्रता और आत्मसंयम का संदेश देती है।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी मंगलवार को दिल्ली के वासुदेव घाट पर छठ पूजा के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। हाल ही में वे दुर्गा महाअष्टमी पर चित्तरंजन पार्क की पूजा में भी सम्मिलित हुए थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट कर छठ पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि “खरना” से ही छठी मइया की आराधना की शुरुआत होती है, जो आस्था, तप और लोक संस्कृति का अनोखा संगम है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में कल्याण और समृद्धि लेकर आए।

कार्तिक शुक्ल पंचमी के दिन मनाया जाने वाला खरना छठ व्रत का अत्यंत पवित्र चरण है। इस दिन व्रती आम की लकड़ी से बने मिट्टी के चूल्हे पर खीर बनाती हैं और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करती हैं। अगले दिन यानी सोमवार की शाम व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगी, जबकि मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी।

दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों में छठ पूजा की धूम देखने को मिल रही है। घाटों की सफाई, सजावट और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। लोक परंपरा में विश्वास है कि छठी मइया की उपासना से परिवार में सुख, शांति और संतान की दीर्घायु प्राप्त होती है।

छठ पूजा न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि भारतीय संस्कृति में संयम, पर्यावरण प्रेम और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देने वाला एक जीवन उत्सव है।

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