नई दिल्ली। उत्तर भारत में सर्दी का असर जारी है, वहीं दक्षिण में भी मौसम ने करवट ली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। दूसरी ओर, तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में घने कोहरे की चादर छा गई है, जिससे दृश्यता पर असर पड़ा। सोमवार सुबह 10 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 250-280 के बीच रहा।
दिल्ली में प्रदूषण का कहर
दिल्ली-NCR में PM2.5 और PM10 का स्तर ऊंचा बना हुआ है। नरेला, आनंद विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच गया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम प्रदूषण वाले क्षेत्रों में सांस लेना मुश्किल हो गया। ठंडी हवाओं और कम हवा की गति से प्रदूषक कण हवा में लटके रहे। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी। GRAP स्टेज-1 के तहत निर्माण कार्य सीमित हैं।
दिल्ली सरकार ने स्कूलों में आउटडोर गतिविधियां बंद कर दीं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि स्टैगर्ड ऑफिस टाइमिंग लागू की गई है। कल्पना टीवी टावर पर AQI 265 दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई, जो प्रदूषण कम कर सकती है।
तिरुवल्लुर में कोहरे का असर
तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में सोमवार सुबह घना कोहरा छा गया। चेन्नई से सटे इस क्षेत्र में दृश्यता 50 मीटर तक गिर गई। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। लोकल ट्रेनें और बसें लेट रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों में काम करने में दिक्कत हुई। मौसम विभाग ने बताया कि समुद्री हवाओं के कारण नमी बढ़ी, जिससे कोहरा गहराया। तापमान 18-20 डिग्री सेल्सियस रहा।
तिरुवल्लुर के अलावा चेन्नई के बाहरी इलाकों में भी हल्का कोहरा देखा गया। ड्राइवरों को फॉग लाइट्स जलाने की सलाह दी गई। विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। यह असामान्य मौसम दक्षिण भारत में सर्दी ला रहा है।
स्वास्थ्य सलाह और उपाय
दिल्ली में डॉक्टरों ने N95 मास्क पहनने को कहा। आर्द्रक यंत्र चलाएं और इंडोर एक्सरसाइज करें। तिरुवल्लुर में सावधानीपूर्वक ड्राइविंग जरूरी। दोनों क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए वृक्षारोपण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए। क्या मौसम जलवायु परिवर्तन का संकेत है?
Correspondent – Shanwaz Khan



