सर्वाइकल कैंसर रोकथाम की बड़ी पहल
सरकार ने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए एचपीवी वैक्सीन को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध करा दिया है। यह टीका 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए खास तौर पर शुरू किया गया है, क्योंकि इस उम्र में वैक्सीन सबसे ज्यादा असरदार होती है। बाजार में एक डोज की कीमत 4,000 से 10,000 रुपये तक है, लेकिन अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतालों में फ्री मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चरणबद्ध तरीके से अभियान शुरू कर दिया।
किन जगहों पर लगेगी वैक्सीन?
वैक्सीनेशन केवल सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर होगा। प्रशिक्षित मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में सेशन आयोजित होंगे। पोस्ट-वैक्सीनेशन अवलोकन और दुर्लभ साइड इफेक्ट्स के लिए 24×7 सपोर्ट रहेगा। गार्डासिल वैक्सीन (HPV टाइप 16, 18, 6, 11 के खिलाफ) इस्तेमाल होगी। यह यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम से अलग विशेष अभियान है। हर साल 1.15 करोड़ लड़कियों को कवर करने का लक्ष्य। कुछ राज्यों में जनवरी 2026 से शुरू हो चुका।
जरूरी दस्तावेज क्या लें?
कोई जटिल प्रक्रिया नहीं। बस बेटी की उम्र साबित करने वाले एक दस्तावेज ले जाएं:
- जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट)
- आधार कार्ड
- स्कूल आईडी या उम्र प्रमाण पत्र
अभिभावक बेटी को लेकर नजदीकी सरकारी अस्पताल या PHC जाएं। वैक्सीन स्वैच्छिक है। उम्र वेरिफिकेशन के बाद तुरंत डोज मिलेगी। पहले डोज के बाद बूस्टर की तारीख नोट कर लें।
सर्वाइकल कैंसर क्यों खतरनाक?
एचपीवी वायरस गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं को प्रभावित कर कैंसर का कारण बनता है। भारत में सालाना 80,000 नए केस और 42,000 मौतें। शुरुआती लक्षण न दिखने से जागरूकता जरूरी। कम उम्र में वैक्सीन 90% तक सुरक्षा देती। कमजोर इम्यूनिटी, असुरक्षित यौन संबंध या लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोली जोखिम बढ़ाते। यह टीका संक्रमण रोककर कैंसर की जड़ काटता।
फायदे और सावधानियां
फ्री वैक्सीन से गरीब परिवार लाभान्वित होंगे। NTAGI ने इसे मंजूर किया। वैक्सीन सुरक्षित, लेकिन डॉक्टर सलाह लें। अभियान से लाखों लड़कियां सुरक्षित होंगी। माता-पिता जागरूक हों, बेटियों को समय पर लगवाएं।
Correspondent – Shanwaz Khan



