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ग्राम संसद: राजस्थान सरपंच संवाद ने ग्रामीण लोकतंत्र को दी नई दिशा

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जयपुर, 23 फरवरी 2026: ग्रामीण भारत के मजबूत आधार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रैंडम वेरिएबल फाउंडेशन ने “ग्राम संसद – राजस्थान सरपंच संवाद” कार्यक्रम का भव्य आयोजन जयपुर के प्रतिष्ठित मैरियट होटल में किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरपंचों को देश निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और ग्रामीण प्रशासन में उनकी भूमिका को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना था। सरपंचों, नीति-निर्माताओं, विकास विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाकर अनुभवों का आदान-प्रदान और सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा का केंद्र रहा।

कार्यक्रम में गांवों के समग्र विकास, डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग और आधुनिक प्रशासनिक मॉडलों पर गहन विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे ई-ग्राम स्वराज और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से सरपंच पारदर्शी बजट प्रबंधन और योजनाओं की निगरानी आसानी से कर सकते हैं। एक उदाहरण के तौर पर, राजस्थान के कुछ प्रगतिशील गांवों में ड्रोन तकनीक से जल संरक्षण और फसल निगरानी की सफल कहानियां साझा की गईं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का जीता-जागता प्रमाण बनीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के माननीय राज्यपाल महामहिम श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सरपंच या ग्रामप्रधान ग्राम विकास का प्रथम प्रहरी होता है। वे गांव की पहली पंक्ति के सिपाही हैं, जो केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाते हैं।” उनके इस कथन ने उपस्थित सरपंचों में उत्साह भर दिया। संस्था के संस्थापक श्री ब्रिजेश शर्मा ने अध्यक्षता की, जबकि राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान ग्राम संसद प्रभारी श्री अखिल द्विवेदी ने फाउंडेशन की अब तक की गतिविधियों—जैसे ग्रामीण नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर और डिजिटल साक्षरता अभियान—के साथ-साथ आगामी योजनाओं की रूपरेखा पेश की।

खास तौर पर, संस्था ने 1,50,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने की महत्वाकांक्षी घोषणा की, जिसकी राज्यपाल महोदय ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा। पद्मश्री सम्मानित डॉ. श्याम सुन्दर पालीवाल, जो स्वयं देश के प्रथम सरपंच रहे हैं, ने अपने अनुभव साझा करते हुए आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत बनाने के सूत्र दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक पंचायत में सौर ऊर्जा संयंत्र और सामुदायिक कृषि केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि गांव आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम में राजस्थान भर से सैकड़ों सरपंच, सामाजिक कार्यकर्ता, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने गांवों के लिए नवीन विचार साझा किए, जैसे महिला सशक्तिकरण के लिए पंचायत स्तर पर स्वरोजगार योजनाएं और जलवायु परिवर्तन से निपटने के स्थानीय उपाय। यह संवाद न केवल ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने वाली कड़ी साबित हुआ, बल्कि भविष्य के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया। रैंडम वेरिएबल फाउंडेशन ने संकल्प लिया कि ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण भारत विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बने।

Jaipur – Piyush Dhar Diwedi

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