जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शराब व्यवसायियों ने नई आबकारी नीति के खिलाफ हड़ताल का ऐलान कर दिया है। 16 फरवरी 2026 से शहर की सभी शराब की दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी। राजस्थान शराब विक्रेता संघ ने नई लाइसेंस वितरण प्रक्रिया, बढ़े शुल्क और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने वार्ता की पेशकश की, लेकिन विक्रेताओं पर असर नहीं।
हड़ताल का कारण: नई नीति पर विवाद
2026-27 की नई आबकारी नीति में लाइसेंस नीलामी प्रक्रिया बदली गई। पुराने लाइसेंस धारकों को नवीनीकरण में दिक्कत, नए आवंटन में कथित भ्रष्टाचार। शुल्क 25% बढ़ा, जिससे दुकानें घाटे में। संघ अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा, “बिना टेंडर के लाइसेंस बड़े व्यापारियों को दिए जा रहे। छोटे विक्रेताओं का बर्बाद होना तय।” जयपुर के 1200 से अधिक दुकानें प्रभावित होंगी। हड़ताल तीन दिवसीय रखी गई, लेकिन बढ़ सकती है।
प्रभावित क्षेत्र और व्यवसाय
संबंधित क्षेत्रों में कलेक्टरेट, चांदपोल, अजमेर रोड, टोंक रोड, MI रोड पर दुकानें बंद। देशी शराब, विदेशी, बीयर सभी। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सरकारी ठेकों पर ही बिक्री। पर्यटन सीजन में होटल-बार संकट में। उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। दैनिक 10 करोड़ राजस्व प्रभावित। पुलिस ने शांति बनाए रखने के निर्देश दिए।
सरकार और विक्रेताओं के बीच टकराव
आबकारी मंत्री का बयान: “नीति पारदर्शी, हड़ताल गैरकानूनी।” लेकिन विक्रेताओं ने दुकानें लाइसेंस समर्पित करने की धमकी दी। कलक्ट्रेट में धरना प्रस्तावित। विपक्ष ने सरकार को घेरा, भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। व्यापार मंडल ने समर्थन घोषित। पिछली हड़तालों में नीति बदली, इस बार क्या होता है?
संभावित समाधान और भविष्य
जिला प्रशासन ने वार्ता के लिए पंचायत बुलाई। यदि हल न निकला तो पूरे राजस्थान में हड़ताल फैल सकती। उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बुकिंग की अपील। क्या नई नीति बदलेगी? आगामी दिन तय करेंगे।
Correspondent – Shanwaz Khan



