मुज़फ्फरनगर के सॉहजनी क्षेत्र में लापता युवक टिंकू का अब तक कोई सुराग न मिलने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। कई दिनों से जारी तलाश के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे गांव वालों और भूमिहार त्यागी समाज के लोगों का गुस्सा खुले प्रदर्शन में बदल गया है। टिंकू की गुमशुदगी को लेकर लोगों में यह भावना मजबूत होती जा रही है कि पुलिस मामला गंभीरता से नहीं ले रही और जांच में लापरवाही बरती जा रही है।
लापता टिंकू का नहीं लगा सुराग
जानकारी के अनुसार, टिंकू कई दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार का आरोप है कि शुरुआती दिनों में पुलिस ने केवल औपचारिक पूछताछ कर खानापूर्ति की और न तो मोबाइल लोकेशन खंगालने की कोशिश की, न ही उन लोगों से कड़ाई से पूछताछ की, जिन पर शक जताया जा रहा था। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता गुस्से में बदलती गई और गांव में तनावपूर्ण माहौल बनने लगा।
सॉहजनी में भारी गुस्सा और प्रदर्शन
टिंकू के लापता होने के मुद्दे पर सॉहजनी और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों और समाज के लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाज़ी की और टिंकू को सुरक्षित बरामद करने की मांग को ज़ोरदार तरीके से उठाया। भीड़ ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस पहले दिन से सक्रिय होती और सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाती, तो शायद टिंकू का सुराग अब तक मिल चुका होता। प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, जो पुलिस प्रशासन के रवैये से बेहद नाराज़ दिखे।
भूमिहार त्यागी समाज के गंभीर आरोप
मामले में मोर्चा संभालते हुए भूमिहार त्यागी समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने जांच को आगे बढ़ाने और संदिग्ध लोगों पर कार्रवाई करने के बदले रिश्वत की मांग की। समाज के नेताओं ने कहा कि गरीब और आम परिवार से जुड़े इस केस में पुलिस की प्राथमिकता बेहद कम दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी ओर रिश्वत लेकर ‘समझौता’ कराने या रिपोर्ट को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों से माहौल और अधिक गरम हो गया है और लोगों ने खुले मंच से दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग उठाई।
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि अब उन्हें स्थानीय स्तर की आश्वासन भरी बातों पर भरोसा नहीं रहा और वे टिंकू की बरामदगी के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी या वरिष्ठ स्तर के अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि न रिश्वतखोरी हो और न ही किसी तरह का राजनीतिक या रसूखदार दबाव काम कर सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टिंकू का पता नहीं चला और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू नहीं हुई, तो वे ज़िला मुख्यालय पर बड़ा धरना और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
परिजन दहशत और इंतज़ार में
इस पूरे घटनाक्रम के बीच टिंकू का परिवार गहरे सदमे और बेचैनी में है। माता-पिता और रिश्तेदारों की हालत यह है कि वे हर आहट पर टिंकू के लौट आने की उम्मीद कर दरवाज़े की ओर देखने लगते हैं, लेकिन निराशा हाथ लगती है। परिवार ने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को तलाशने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जो भी पुलिसकर्मी या अधिकारी जांच में लापरवाही या रिश्वतखोरी में लिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
Muzaffarnagar – Piyush Dhar Diwedi



