पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर चल रहा सीमा विवाद अब खुली सैन्य टकराहट में बदल चुका है। फरवरी 2026 में तनाव तेजी से बढ़ा और 27 फरवरी की सुबह पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कंधार, पक्तिया, पाक्तिका जैसे कई रणनीतिक इलाकों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर खुली जंग का ऐलान कर दिया है। अफगान तालिबान ने जवाब में सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों पर भारी फायरिंग और हमले शुरू कर दिए हैं। दोनों तरफ सैनिक मारे गए, ठिकाने तबाह हुए और यह संघर्ष अब आधिकारिक तौर पर “खुली जंग” बन चुका है।
पाकिस्तान ने छेड़ी बड़ी कार्रवाई
पाकिस्तान एयर फोर्स ने 27 फरवरी 2026 की सुबह काबुल, कंधार और पाक्तिया में तालिबान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और बम से हमले किए। पाकिस्तानी रक्षा विभाग ने इस ऑपरेशन को “गजब लिल हक” का नाम दिया है और बताया कि यह कार्रवाई अफगान तालिबान की ओर से खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टर पर किए गए हमलों के जवाब में शुरू की गई है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तरार ने X पर घोषणा की कि इस ऑपरेशन में 133 अफगान तालिबान अधिकारी मारे गए हैं, जबकि 200 से अधिक अन्य लड़ाके घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के अनुसार, इस हमले में 27 अफगानी सैन्य चौकियां तबाह कर दी गईं, 9 पर कब्जा कर लिया गया, दो कोर हेडक्वार्टर, तीन ब्रिगेड हेडक्वार्टर, तीन बटालियन हेडक्वार्टर, दो सेक्टर हेडक्वार्टर, दो गोला‑बारूद डिपो, एक लॉजिस्टिक बेस और 80 से अधिक टैंक, आर्टिलरी गन व एपीसी नष्ट कर दिए गए हैं। पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि यह ऑपरेशन जारी है और तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, पाकिस्तान ने पाक्तिका प्रांत में एक विस्थापित शिविर पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 11 लोग घायल हुए।
अफगान तालिबान का जवाबी हमला और घोषणा
दूसरी ओर, अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी हमले को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए जमकर जवाब दिया। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि अफगान सेना ने लगातार कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी बेसों और चौकियों पर हमले किए, जिसमें कम से कम 40–55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 13–19 चौकियों पर उन्होंने कब्जा कर लिया है। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी तरफ से केवल 8 सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए। तालिबान ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट विमान को भी मार गिराया है, जो अफगान एयरस्पेस में घुस आया था।
अफगान प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेना ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर चार घंटे तक लगातार हमले जारी रखे, जिसमें कई बेस और बैरक तबाह हुए। अफगानिस्तान ने यह भी बताया कि काबुल, कंधार और पक्तिका के सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद न किसी अफगान नागरिक ने जान गंवाई और न ही बड़े पैमाने पर सैन्य क्षति हुई। हालांकि, दोनों तरफ दिए गए कैजुअल्टी के आंकड़े अलग‑अलग हैं और स्वतंत्र स्रोतों से अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
हमलों के निशाना और नागरिकों पर असर
ये हमले मुख्य रूप से डूरंड लाइन के साथ‑साथ चल रहे हैं, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान की विवादित सीमा है। पाकिस्तानी तरफ खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टर शामिल हैं, जहां तालिबान ने 26 फरवरी रात को बड़े पैमाने पर फायरिंग और ग्राउंड अटैक शुरू किए। पाकिस्तान ने आर्टिलरी और एयर स्ट्राइक से जवाब दिया। अफगान तरफ नंगरहार, पाक्तिया, पाक्तिका, खोस्त, कंधार और हेलमंद प्रांत में हमले तेज हो गए हैं। इन क्षेत्रों में पाकिस्तान की ओर से कई बार हवाई हमले किए गए हैं, जिनका निशाना तालिबान के लॉजिस्टिक नेटवर्क और गोला‑बारूद भंडार हैं।
कुल मिलाकर, कम से कम छह अफगान प्रांत और पाकिस्तान के तीन सेक्टरों में संघर्ष जारी है। क्रॉस‑बॉर्डर शेलिंग और ड्रोन‑एयर स्ट्राइक से दोनों तरफ के ग्रामीण इलाके भी प्रभावित हो रहे हैं। निगरानी संगठनों के अनुसार, पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 18 अफगान नागरिक मारे जा चुके हैं और कई और घायल हुए हैं। अफगान पक्ष भी नागरिक हताहतों की रिपोर्ट दे रहा है, जिस तरह से युद्ध आगे बढ़ता है, उससे नागरिक ज्यादा दुर्भाग्य से जूझ रहे हैं।
कैजुअल्टी के दावे और अंतरराष्ट्रीय चिंता
पाकिस्तान का दावा है कि उसकी तरफ से केवल दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए हैं, जबकि तालिबान की ओर से आंकड़े उलटे हैं। अफगानिस्तान ने कहा है कि उसने 40–55 पाकिस्तानी सैनिक मारे हैं, जिनमें से 13 के शव पाकिस्तानी इलाकों से बरामद किए गए हैं। दोनों तरफ मिलाकर 200 से अधिक मौतों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यूएन और अन्य स्वतंत्र रिपोर्टों ने इन आंकड़ों को “अतिरंजित और अनिश्चित” बताया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से तुरंत आग बंदी की अपील की है और चेतावनी दी है कि युद्ध बढ़ने से इलाके में एक बड़े मानवीय संकट की संभावना है।
इस टकराव की वजह सिर्फ सीमा विवाद नहीं, बल्कि आतंकवाद पर आपसी आरोप‑प्रत्यारोप भी है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान के तालिबान उप‑राष्ट्रीय समूहों को आश्रय देकर पाकिस्तान
Correspondent – Shanwaz Khan



