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संचार साथी ऐप अब प्रत्येक नए मोबाइल में अनइंस्टॉल नहीं होगा, सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

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भारत सरकार ने दूरसंचार विभाग (DoT) के जरिये एक अहम निर्णय लिया है। अब देश में संचार साथी ऐप प्रत्येक नए मोबाइल हैंडसेट में पहले से इंस्टॉल होकर आएगा और इसे न तो डिलीट किया जा सकेगा न ही डिसेबल। यह फैसला मोबाइल धोखाधड़ी और चोरी से सुरक्षा मजबूत करने के मकसद से जारी हुआ है।

भारत में अब सभी नए मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल होगा. DoT के इस नए निर्देश के अनुसार, अब देश में बनने वाले या आयातित हर स्मार्टफोन में यह ऐप शुरू से मौजूद होगा। सभी मोबाइल कंपनियों और आयातकों को 90 दिनों के भीतर इस आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा और 120 दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। पुराने स्टॉक वाले फोन में भी यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिये जोड़ा जाएगा।

इस ऐप का मकसद है मोबाइल सुरक्षा प्रदान करना। अगर फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो उपयोगकर्ता फोन की रिपोर्टिंग और ब्लॉकिंग कुछ मिनटों में इस ऐप के जरिए कर सकते हैं। साथ ही यह ऐप फर्जी लिंक, स्पैम कॉल, संदिग्ध संदेश और मोबाइल कनेक्शनों की निगरानी में भी मदद करता है। यूजर को अब IMEI नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ऐप कई तरह की सुरक्षा प्रक्रिया को आसान बनाता है।

हालांकि इस कदम पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजस्थान के राज्यसभा सांसद के सी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया (एक्स, पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि यह आदेश निजता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने इसे “बिग ब्रदर” वाला नियंत्रण बताया और कहा कि ऐप एक “मनहूस मशीन” की तरह हर भारतीय की हर गतिविधि पर नजर रखेगा। उनका कहना है कि यह नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है और इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

इस बीच, सरकार का कहना है कि यह कदम मोबाइल धोखाधड़ी घटाने और साइबर अपराधों को रोकने के लिए बेहद जरूरी था। नकली मोबाइल की पहचान से लेकर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तक, संचार साथी ऐप का योगदान अहम रहेगा। ऐप ने अब तक करोड़ों उपयोगकर्ताओं को मोबाइल सुरक्षा से जोड़कर, चोरी हुए फोन का पता लगाकर और धोखाधड़ी की आशंका कम कर दिया है।

मोबाइल कंपनियों के लिए नए नियम स्पष्ट हैं: सभी नए स्मार्टफोन मॉडल में यह ऐप पहले से इंस्टॉल होगा। इसे डिलीट करना, बंद करना या डिसेबल करना संभव नहीं होगा। ऐप की लोकप्रियता और विश्वास इसी वजह से बढ़ रहा है, जो इसके लगातार बढ़ते डाउनलोड से भी पता चलता है।

सरकार के मुताबिक, यह एक बड़ा सुधार है जो नागरिकों की सुरक्षा को मजबूती देगा और तकनीकी अपराधों को कम करेगा। DoT ने फोन धोखाधड़ी के खिलाफ यह मजबूत सुरक्षा कवच देश भर में लागू कर दिया है।

Correspondent – Shanwaz Khan

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