महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने वाला है। डिप्टी सीएम अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला हो गया है। बारामती में हाल ही हुए विमान हादसे में अजित पवार की मौत ने न सिर्फ पवार परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे राज्य की सियासत को हिला दिया। अब सुनेत्रा पवार की अगुवाई में नई शुरुआत की उम्मीदें बढ़ रही हैं। आइए जानें उनकी शिक्षा, करियर और राजनीतिक यात्रा के बारे में।
बारामती के पास हुए इस प्लेन क्रैश में तकनीकी खराबी और प्रतिकूल मौसम को वजह बताया जा रहा है। हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू हुए, लेकिन अजित पावर को बचाया नहीं जा सका। एनसीपी और महायुति गठबंधन के सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा को डिप्टी सीएम पद पर तैनात करने का प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूर हो चुका है। यह कदम पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को मजबूत करने और पार्टी में स्थिरता लाने के लिए उठाया गया है।
शिक्षा: कॉमर्स बैकग्राउंड और प्रोफेशनल स्किल्स
सुनेत्रा पवार एक उच्च शिक्षित महिला हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1963 को धाराशिव जिले में हुआ। उन्होंने अप्रैल 1983 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। इसके बाद एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी की। कॉमर्स की मजबूत पकड़ ने उन्हें वित्त, प्रबंधन और आर्थिक नीतियों की गहरी समझ दी, जो राजनीति में उनके काम आएगी।
पर्यावरण और सामाजिक कार्यों में सक्रियता
राजनीति से पहले सुनेत्रा ने पर्यावरण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की संस्थापक हैं, जो जल संरक्षण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रामीण विकास पर फोकस करता है। उन्होंने कई कोर्स किए, जो पर्यावरण नीतियों और सामुदायिक विकास से जुड़े हैं। उनके पिता पद्मसिंह पाटिल—एनसीपी के वरिष्ठ नेता, स्वतंत्रता सेनानी और गांव के पाटिल—ने उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया।
राजनीतिक सफर: चुनौतियां और उपलब्धियां
सुनेत्रा ने 2024 लोकसभा चुनाव में बारामती से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ जोरदार मुकाबला किया, हालांकि हार गईं। इसके बाद एनसीपी ने उन्हें राज्यसभा भेजा, जहां वे सक्रिय सांसद के रूप में जानी जाती हैं। संसद में विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण मुद्दों पर उनकी प्रभावी दलीलें चर्चित रहीं। अब डिप्टी सीएम बनने से महाराष्ट्र को एक नई ऊर्जा मिलेगी, खासकर महिला नेतृत्व के मोर्चे पर।
यह नियुक्ति पवार परिवार की राजनीतिक पकड़ को बरकरार रखेगी और महाराष्ट्र में लैंगिक समानता का प्रतीक बनेगी। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुनेत्रा अजित की विरासत को निभा पाएंगी? आने वाले दिनों में उनकी भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan



