बांग्लादेश में जारी हिंसा और अस्थिर हालात को लेकर भारत में भी चिंता गहराती जा रही है। इसी कड़ी में सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती, जो ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी हैं, ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बांग्लादेश के हालात न सिर्फ वहां की जनता के लिए, बल्कि भारत के लिए भी बेहद चिंताजनक हैं।
अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि बांग्लादेश से जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, वे डराने वाली हैं। उन्होंने कहा, “मीडिया और समाचारों के जरिए जो कुछ हम देख-सुन रहे हैं, उससे साफ है कि बांग्लादेश के हालात वाकई बहुत खराब हैं। यह स्थिति भारत के लिए भी चिंता का विषय है और हमें पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।”
पाकिस्तान पर गंभीर आरोप
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने बांग्लादेश की जनता और वहां की सरकार से सीधी अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी नापाक सोच को आगे बढ़ाने के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल कर रहा है। उनके शब्दों में, “पाकिस्तान आपकी जमीन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। आप उसके बहकावे में न आएं। आपका मुल्क एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन जब से पाकिस्तान की नापाक नजरें आप पर पड़ी हैं, आपको भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है, जो किसी भी तरह से दोनों देशों के हित में नहीं है।”
हिंसा इस्लाम और इंसानियत के खिलाफ
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बांग्लादेश एक इस्लामिक देश है और वहां किसी निर्दोष की हत्या पूरी इंसानियत की हत्या के बराबर है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, “हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। किसी बेगुनाह का कत्ल न सिर्फ गुनाह है, बल्कि यह पूरी मानवता पर हमला है। किसी भी हाल में हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसका नुकसान पूरे समाज और देश को उठाना पड़ता है।”
चरमपंथ को लेकर चेतावनी
चिश्ती ने यह भी कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का खेल खेलता रहा है और अब वह इसे बांग्लादेश के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। “जिस तरह से चरमपंथी सोच रखने वाले लोग वहां मजबूत हो रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं, यह बेहद चिंता की बात है,” उन्होंने कहा।
भारत के लिए भी खतरे की घंटी
गौरतलब है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से वहां अल्पसंख्यक हिंदू समाज पर हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। मंदिरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, महिलाओं और पत्रकारों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का यह बयान न सिर्फ बांग्लादेश के लिए चेतावनी है, बल्कि भारत के लिए भी सतर्क रहने का स्पष्ट संदेश देता है।
Corrospondent – Shanwaz Khan



