बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सत्ता संभालते ही मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए विवादास्पद ट्रेड एग्रीमेंट पर बड़ा कदम उठाया है। 21 फरवरी 2026 को वाणिज्य मंत्रालय ने घोषणा की कि यूएस सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप टैरिफ को रद्द करने के फैसले के बाद बांग्लादेश इस समझौते की समीक्षा करेगा।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) ट्रंप को एकतरफा टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता। इससे प्रभावित देशों के ट्रेड डील प्रभावित हुए हैं। बांग्लादेश-अमेरिका रेसिप्रोकल ट्रेड एग्रीमेंट (ART) भी इसी श्रृंखला का हिस्सा था, जो 9 फरवरी को हस्ताक्षरित हुआ था।
वाणिज्य मंत्रालय की WTO विंग की सचिव खदीजा नाजनीन ने द डेली स्टार को बताया, “हम पहले समझौते का विश्लेषण करेंगे। इसमें एग्जिट क्लॉज है, जो दो महीने की नोटिस पर बाहर निकलने की अनुमति देता है।” यूनुस सरकार ने बाजार पहुंच के नाम पर यह डील की थी, जिसमें बांग्लादेश ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाए, LNG ($15 अरब), बोइंग विमान (25 यूनिट, $2.9 अरब) और सैन्य हार्डवेयर खरीदने का वादा किया। रेडीमेड गारमेंट्स पर जीरो टैरिफ अमेरिकी कॉटन से ही संभव था, जिसकी देश में आलोचना हुई।
ट्रंप टैरिफ का इतिहास: 2025 में ट्रंप ने व्यापार घाटा कम करने के लिए बांग्लादेश पर 37% टैरिफ लगाया, बाद में 35%, फिर 20% और डील से 19% कर दिया। अमेरिका बांग्लादेश का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य ($8 अरब, $6 अरब अधिशेष) है। लेकिन एकतरफा शर्तों ने इसे ‘आर्थिक आत्महत्या’ कहा गया।
अधिकारी ने कहा, “कोर्ट फैसले से डील प्रभावित हुई है। हम चर्चा कर कार्रवाई करेंगे, रद्द करने की संभावना।” तारिक रहमान सरकार राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगी। ट्रंप ने रहमान को बधाई देते हुए डील लागू करने को कहा था। यह कदम बांग्लादेश की संप्रभुता बहाल करने की दिशा में है।
Correspondent – Shanwaz Khan



