अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर अप्रैल 2026 में बीजिंग की राजकीय यात्रा की घोषणा की है। यह ऐलान उन्होंने सोमवार (24 नवंबर) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किया। ट्रंप ने बताया कि उनकी हालिया फोन वार्ता शी चिनफिंग के साथ बेहद सकारात्मक रही और इसने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी है।
ट्रंप ने कहा कि बातचीत में यूक्रेन युद्ध, रूस के साथ वैश्विक हालात, फेंटानिल की तस्करी, सोयाबीन व्यापार और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिससे अमेरिकी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता भविष्य में और मजबूत होगा।
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी बताया कि तीन सप्ताह पहले दक्षिण कोरिया में हुई उनकी सफल मुलाकात के बाद यह फोन वार्ता आयोजित की गई थी। उनके अनुसार, दोनों पक्ष हाल में किए गए आर्थिक और व्यापारिक समझौतों को लागू करने में अच्छी प्रगति कर रहे हैं। ट्रंप ने घोषणा की कि अगले वर्ष वे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का अमेरिका में स्वागत करेंगे, जिससे द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
वहीं, चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ ने भी दोनों देशों के बीच फोन वार्ता की पुष्टि की। रिपोर्ट के मुताबिक, शी चिनफिंग ने बातचीत में ताइवान पर चीन का स्पष्ट और पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ताइवान का चीन में पुनर्मिलन द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद स्थापित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का एक आवश्यक हिस्सा है। शी ने यह भी याद दिलाया कि चीन और अमेरिका ने फासीवाद और सैन्यवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ी थी, इसलिए दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि वे उस ऐतिहासिक जीत के मूल्यों की रक्षा करें।
हाल के दिनों में ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ गया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के ताइवान स्ट्रेट पर दिए बयानों के बाद विवाद और गहराया है। इस पृष्ठभूमि में चीन-अमेरिका वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई और शी चिनफिंग ने दोहराया कि चीन हर उस प्रयास का समर्थन करेगा, जिससे शांति स्थापना का रास्ता निकले। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पक्षों को मतभेद कम कर निष्पक्ष और स्थायी शांति समझौते की दिशा में काम करना चाहिए।
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से पुष्टि की कि यह फोन वार्ता योजनाबद्ध थी, हालांकि यह नहीं बताया गया कि पहल किस पक्ष से हुई। अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार, वार्ता का शेड्यूल चीन की ओर से तय किया गया था।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरियाई शहर बुसान में ट्रंप और शी की आमने-सामने मुलाकात के बाद दोनों देशों ने आयात-निर्यात शुल्क और नियंत्रण से जुड़े विवादों को एक वर्ष के लिए रोकने पर सहमति बनाई थी। विश्लेषकों का मानना है कि अप्रैल में होने वाली यह यात्रा अमेरिका-चीन संबंधों में स्थिरता और पारस्परिक सहयोग की नई शुरुआत हो सकती है।
Correspondent – Shanwaz Khan



